अडिग मै शिला कि तरह
लहरो के थपेडो को सहने के लिये
प्यासो को , जल बन के बहने के लिये
मुझसे शान्त हो सके जो भूख किसी कि
तत्पर मै आहुति के लिये.
महिमामन्डित नही
बस पथिक
जिने कि राह पर जिने के लिये.
Thursday, July 30, 2009
Monday, July 13, 2009
Sunday, July 5, 2009
सस्ती गजले
:१:
छ्प गये कितने बयान कागज पर
बन गये कितने मकान कागज पर
जिस्मो पर जख्म कुरेदने वाले
बन गये कितने महान कागज पर
अब मिलने मिलाने की फ़ुर्सत किसे
सिमट गये कितने जहान कागज पर
:२:
गम थी और खुशी थी
एक बूद जिन्दगी थी
हमने बाटी आधी आधी
एक टुक जिन्दगी थी
न जाने कितने किताब लिखे गये
वही हम वही जिन्दगी थी
छ्प गये कितने बयान कागज पर
बन गये कितने मकान कागज पर
जिस्मो पर जख्म कुरेदने वाले
बन गये कितने महान कागज पर
अब मिलने मिलाने की फ़ुर्सत किसे
सिमट गये कितने जहान कागज पर
:२:
गम थी और खुशी थी
एक बूद जिन्दगी थी
हमने बाटी आधी आधी
एक टुक जिन्दगी थी
न जाने कितने किताब लिखे गये
वही हम वही जिन्दगी थी
Monday, June 29, 2009
दाये बाये जो दिखा
मुर्ति से नाही पारक से नाही, बदले तगदिरिया ना
माया दैद नोकरिया ना
कैसे बिताइ लम्बी उमरिया ,कठिन डगरिया ना
माया दैद नोकरिया ना
केउ न सुने हम दुखियन क बतिया
चाहता सब के नोटन क गठिरा
कैसे बिताइ केसे बताइ बडी कठिन डगरिया ना
माया दैद नोकरिया ना
माया दैद नोकरिया ना
कैसे बिताइ लम्बी उमरिया ,कठिन डगरिया ना
माया दैद नोकरिया ना
केउ न सुने हम दुखियन क बतिया
चाहता सब के नोटन क गठिरा
कैसे बिताइ केसे बताइ बडी कठिन डगरिया ना
माया दैद नोकरिया ना
Friday, June 26, 2009
लालगढ
भ्रष्ट लोकतान्त्रिक ब्यवस्था कि देन कह सकते है लालगढ को , हम कयी बार बराबर असफ़ल हुए फ़िर भी हमने कोइ सबक नही सिखा . जिस सिस्ट्म के दायरे मे हम है वो आज ब्रितानिया हुकुमत से कुछ कम नही. जुल्म और ज्यादती कि इन्तहा , फ़रियादी तो है पर कोइ सुनने वाला नही और जब हमे होश आता है तो मामला बहुत सन्गीन हो चुका रहता है .फ़िर शुरु होत है दौर कमेटियो को बनाने और रिपोर्टो को बनाने का . जहा - जहा भी बिद्रोह कि घटनाये हुइ है वहा मुल कारण मासूमो पर हुए पुलिस अत्याचार ही उभर कर आये है .ऐसी ही सिचुएशन का आतन्की और नक्स्ली इन्तेजार करते है जहा वे भावनात्मक रुप से उन्हे अपने साथ कर लेते है
लालगढ मे भी यही सब हुआ. बन्गाल मे सिन्गुर और नन्दीग्राम जैसी घटनाओ से बामपन्थियो ने कोइ सबक नही सिखा .
आज औद्योगिक करण के नाम पर किसानो और आदिवासियो को उनके जमीनो से बेदखल किया जा रहा है उनकी बहु-बेटियो को बेइज्ज्त भी किया जा रहा है तो उस दिशा मे उनका हिसक आन्दोलन कोइ आश्चर्य कि बात नही हमारे पुर्वजो ने भी तो ब्रिटिश सरकार के खिलाफ़ इन्ही ज्यादतियो के बिरुध्द सन्घर्ष किया. मजदुरो और किसानो के शोषण को मुद्दा बनाकर पिछले तीस सालो से बन्गाल मे बामपन्थियो ने सत्ता कि मलाइ को चाटा, आज वही किसान-मजदुर उनके एजेन्डे से बाहर है . खेतो का जबरिया अधिग्रहण किसानो को अन्दर तक झकझोरती है . आजादी के साठ सालो मे खेतो और किसानो के लिये क्या किया गया है ,पन्जाब, हरियाणा या आन्ध्रा ही पुरे देश के किसानो का प्रतिनिधित्व नही करते जबाब देना होगा कि पुर्वी उ.प्र. ,बन्गाल,उडिसा,बिहार जैसे पिछडे राज्यो के किसानो और आदिवाशियो के लिये क्या किया गया ,बिकास के लिये क्या इतने साल कम थे
फ़ौज के बुते हम भले ही लालगढ को कब्जा ले पर इस लालगढ फ़िर कयी सवाल खडे किये है जिसका जबाब तो ढुढना ही पडेगा.
लालगढ मे भी यही सब हुआ. बन्गाल मे सिन्गुर और नन्दीग्राम जैसी घटनाओ से बामपन्थियो ने कोइ सबक नही सिखा .
आज औद्योगिक करण के नाम पर किसानो और आदिवासियो को उनके जमीनो से बेदखल किया जा रहा है उनकी बहु-बेटियो को बेइज्ज्त भी किया जा रहा है तो उस दिशा मे उनका हिसक आन्दोलन कोइ आश्चर्य कि बात नही हमारे पुर्वजो ने भी तो ब्रिटिश सरकार के खिलाफ़ इन्ही ज्यादतियो के बिरुध्द सन्घर्ष किया. मजदुरो और किसानो के शोषण को मुद्दा बनाकर पिछले तीस सालो से बन्गाल मे बामपन्थियो ने सत्ता कि मलाइ को चाटा, आज वही किसान-मजदुर उनके एजेन्डे से बाहर है . खेतो का जबरिया अधिग्रहण किसानो को अन्दर तक झकझोरती है . आजादी के साठ सालो मे खेतो और किसानो के लिये क्या किया गया है ,पन्जाब, हरियाणा या आन्ध्रा ही पुरे देश के किसानो का प्रतिनिधित्व नही करते जबाब देना होगा कि पुर्वी उ.प्र. ,बन्गाल,उडिसा,बिहार जैसे पिछडे राज्यो के किसानो और आदिवाशियो के लिये क्या किया गया ,बिकास के लिये क्या इतने साल कम थे
फ़ौज के बुते हम भले ही लालगढ को कब्जा ले पर इस लालगढ फ़िर कयी सवाल खडे किये है जिसका जबाब तो ढुढना ही पडेगा.
Tuesday, June 16, 2009
गजल
:१:
आदमी
बच्चो के खेल का झुनझुना है आदमी
हर सियासी दाव का मोहरा बना है आदमी
जुल्म औ दहशत के छाव उम्र तु गुजार दे
युध्द मे तुझको लडना मना है आदमी
इन पत्थरो से भी चीख निकल सकती है
क्यु हाथ धर के बैठा सम्भावना है आदमी
:२:
टुकडो-टुकडो मे बटता मका कही मिलता
जमी कि धुल को आसमा नही मिलता
मेरी बात सुनो यार कभी फ़ुर्सत मे
चन्द लफ़्जो मे मुकम्मल बया नही मिलता
मीर गालिब कि जमी है ये मेरा हिन्दोस्ता
दाग कि शायरी का निशा यही मिलता
आदमी
बच्चो के खेल का झुनझुना है आदमी
हर सियासी दाव का मोहरा बना है आदमी
जुल्म औ दहशत के छाव उम्र तु गुजार दे
युध्द मे तुझको लडना मना है आदमी
इन पत्थरो से भी चीख निकल सकती है
क्यु हाथ धर के बैठा सम्भावना है आदमी
:२:
टुकडो-टुकडो मे बटता मका कही मिलता
जमी कि धुल को आसमा नही मिलता
मेरी बात सुनो यार कभी फ़ुर्सत मे
चन्द लफ़्जो मे मुकम्मल बया नही मिलता
मीर गालिब कि जमी है ये मेरा हिन्दोस्ता
दाग कि शायरी का निशा यही मिलता
Saturday, June 13, 2009
स्वाइन ,खुशवन्त,बी.जे.पी.
स्वाइन फ़्लु-
जनाब खबरदार अभी आप एड्स ,बर्डफ़्लु से ही परेसान थे कि एक और बिमारी ने दरवाजे पर दस्तक दे दी है. युरोप और अमेरिका महद्विपो मे स्थिति बहुत खतरनाक हो गयी है मामले कि सवेदनशिलता को देखते हुए बिश्व स्वाथ्य सन्गठन ने इसे महामारी घोषित कर दिया है .वहा युध्द स्तर पर राहत और बचाव कि तैयारियो का खाका तैयार किया जा रहा है . भारत मे भी अपनी सरकार के सम्बन्धित मन्त्री गुलाम नबी आजाद ने प्रेस कान्फ़्रेन्स कर के इस सम्बन्ध मे अपना स्टैन्ड रखा . वैसे भारत के लिये स्थिति ज्यादा भयावह नही है .अपने यहा जो फ़्लु के १५ मामले प्रकाश मे आये है जिनकी स्थिति नाजुक नही है. हमे बचाव के तौर पर फ़्लु प्रभावित देशो से आने वाले लोगो पर ध्यान रखना होगा. मन्त्रालय ने भी सुरक्छा कि कडी मे एअर पोर्टो और आवश्यक स्थानो पर अधिक से अधिक जाच केन्द्रो कि स्थापना पर कार्य प्रारम्भ कर दिया है. आशा है कि जल्द ही इस महामारी को काबु मे कर लिया जयेगा.
खुशवन्त सिन्घ-
आपके दिमाग को किस किडे ने काट खाया है पता नही लग पा रहा है .आप अच्छे लेखक है किस बिचारधारा से प्रेरित है पता लगाना मुस्किल . आमो के बहुत शौकिन है इसका जिक्र अपने हर दुसरे लेख मे करते है. लेखो मे महिलाओ का जिक्र भी प्रचुरता के साथ.आप को सालिनता केवल कन्ग्रेसी नेताओ और उनके परिवारो मे दिखती है. उमा भारती और साध्वी प्रग्या मे आप कोइ फ़र्क महशुष नही करते .भगवाधारीयो से एलर्जी पर मदनी और बुखारी जैसो से सिम्पैथी . पकिस्तान से बिशेष अनुराग. सेकुलरवाद के घोर समर्थक.
भा.ज.पा. -
एक के बाद एक हारो से त्रस्त भा.ज.पा. मे अभी तक सन्कट के बादल हटते नजर नही आ रहे है .दुसरी पन्क्ति के नेताओ कि अति महत्वाकान्छा पार्टी कि नैया डुबाने को आतुर है .अपने मुल सिध्दान्तो कि बलि देकर और अति अनुशासनहीनता के कारण वोटरो मे दल की साख को बट्टा लगा है. भा.ज.पा. की अन्दरुनी राजनिति जसवन्त के ताजा बयानो से गर्म है ,साफ़ है कि वहा गुट्बाजी कि राज निति अभी तक हावी है.
चलते-चलते-
युवराज राहुल गान्धी के जन्मदिन को कोन्ग्रेस सदभावना दिवस के रुप मे मनाएगी.गणेश परिक्रमा चालु आहे.
जनाब खबरदार अभी आप एड्स ,बर्डफ़्लु से ही परेसान थे कि एक और बिमारी ने दरवाजे पर दस्तक दे दी है. युरोप और अमेरिका महद्विपो मे स्थिति बहुत खतरनाक हो गयी है मामले कि सवेदनशिलता को देखते हुए बिश्व स्वाथ्य सन्गठन ने इसे महामारी घोषित कर दिया है .वहा युध्द स्तर पर राहत और बचाव कि तैयारियो का खाका तैयार किया जा रहा है . भारत मे भी अपनी सरकार के सम्बन्धित मन्त्री गुलाम नबी आजाद ने प्रेस कान्फ़्रेन्स कर के इस सम्बन्ध मे अपना स्टैन्ड रखा . वैसे भारत के लिये स्थिति ज्यादा भयावह नही है .अपने यहा जो फ़्लु के १५ मामले प्रकाश मे आये है जिनकी स्थिति नाजुक नही है. हमे बचाव के तौर पर फ़्लु प्रभावित देशो से आने वाले लोगो पर ध्यान रखना होगा. मन्त्रालय ने भी सुरक्छा कि कडी मे एअर पोर्टो और आवश्यक स्थानो पर अधिक से अधिक जाच केन्द्रो कि स्थापना पर कार्य प्रारम्भ कर दिया है. आशा है कि जल्द ही इस महामारी को काबु मे कर लिया जयेगा.
खुशवन्त सिन्घ-
आपके दिमाग को किस किडे ने काट खाया है पता नही लग पा रहा है .आप अच्छे लेखक है किस बिचारधारा से प्रेरित है पता लगाना मुस्किल . आमो के बहुत शौकिन है इसका जिक्र अपने हर दुसरे लेख मे करते है. लेखो मे महिलाओ का जिक्र भी प्रचुरता के साथ.आप को सालिनता केवल कन्ग्रेसी नेताओ और उनके परिवारो मे दिखती है. उमा भारती और साध्वी प्रग्या मे आप कोइ फ़र्क महशुष नही करते .भगवाधारीयो से एलर्जी पर मदनी और बुखारी जैसो से सिम्पैथी . पकिस्तान से बिशेष अनुराग. सेकुलरवाद के घोर समर्थक.
भा.ज.पा. -
एक के बाद एक हारो से त्रस्त भा.ज.पा. मे अभी तक सन्कट के बादल हटते नजर नही आ रहे है .दुसरी पन्क्ति के नेताओ कि अति महत्वाकान्छा पार्टी कि नैया डुबाने को आतुर है .अपने मुल सिध्दान्तो कि बलि देकर और अति अनुशासनहीनता के कारण वोटरो मे दल की साख को बट्टा लगा है. भा.ज.पा. की अन्दरुनी राजनिति जसवन्त के ताजा बयानो से गर्म है ,साफ़ है कि वहा गुट्बाजी कि राज निति अभी तक हावी है.
चलते-चलते-
युवराज राहुल गान्धी के जन्मदिन को कोन्ग्रेस सदभावना दिवस के रुप मे मनाएगी.गणेश परिक्रमा चालु आहे.
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